Zaroorat

Mustafa Zahid · 76 BPM · 4/4

Zaroorat

Mustafa Zahid

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Em

Em23
Em

ये दिल तन्हा क्यूं रहे

C

क्यूं हम टुकड़ों में जियें

Em

ये दिल तन्हा क्यूं रहे

C

क्यूं हम टुकड़ों में जियें

G

क्यूं रूह मेरी ये सहे

D

मैं अधूरा जी रहा हूँ

Em

हरदम ये कह रहा हूँ

C

मुझे तेरी ज़रुरत है

मुझे तेरी ज़रुरत है

G

मुझे तेरी ज़रुरत है

Em

ये दिल तन्हा क्यूं रहे

C

क्यूं हम टुकड़ों में जियें

Em

ये दिल तन्हा क्यूं रहे

C

क्यूं हम टुकड़ों में जियें

G

क्यूं रूह मेरी ये सहे

D

मैं अधूरा जी रहा हूँ

Em

हरदम ये कह रहा हूँ

C

मुझे तेरी ज़रुरत है

मुझे तेरी ज़रुरत है

Em

अंधेरों से था मेरा रिश्ता बड़ा

C

तूने ही उजालों से वाक़िफ़ किया

G

अब लौटा मैं हूँ इन अंधेरों में फिर

D

तो पाया है ख़ुद को बेगाना यहां

Em

तन्हाई भी मुझसे ख़फ़ा हो गयी

C

बंजरों ने भी ठुकरा दिया

G

मैं अधूरा जी रहा हूँ

D

ख़ुद पर ही इक सज़ा हूँ

Em

मुझे तेरी ज़रुरत है

C

मुझे तेरी ज़रुरत है

Em

हम्म... तेरे जिस्म की, वो खुशबुएँ

C

अब भी इन साँसों में ज़िंदा हैं

G

मुझे हो रही इनसे घुटन

D

मेरे गले का ये फन्दा है

Em

आां...

C

हो, तेरे चूड़ियों की वो खनक

G

यादों के कमरे में गूंजे हैं

D

सुनकर इसे आता है याद

Em

हाथों में मेरे ज़ंजीरें हैं

C

तुही आके इनको निकल ज़रा

G

कर मुझे यहां से रिहा

D

मैं अधूरा जी रहा हूँ

Em

ये सदायें दे रहा हूँ

C

मुझे तेरी ज़रुरत है

मुझे तेरी ज़रुरत है

G

मुझे तेरी ज़रुरत है

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All Chords Used

Em23
C321
G213
D132
KeyE minor
Difficultybeginner
Synced lines45