Zaroorat

Mustafa Zahid · 95 BPM · 4/4

Zaroorat

Mustafa Zahid

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Capo

E

E231
Lyrics
EBे दिलG तन्Emहा क्यूं रहA
Aक्यBूं Emहम टEुकड़ों Emमें जBियें
Bये दGिल तनEm्हा क्यूंB रहे
Bक्यूं Emहम टुकड़ों Amमें जियें
Gक्यूं Bरूह मेरी यEmे सEहे
Bमैं GअधूCmरा जीE रहा हूँ
 हरदम ये कहD रहा हDmूँ
DmमुझCे तेरी ज़रDmुरत है
 Eुझे तेरी ज़Dmरुरत हB
BमुEmझे तGDEGज़रुरEGहै
Gये दिल तन्हा क्यूं रहे
Gक्यूं हमE टुकड़ों मेGं जियें
Gये दिलE तन्हा क्यूं रGहे
Gक्यूंE हम टुकड़Emों में जियें
Emक्यूं रूह मेरी ये सहे
 मैं अधDूरा जीG रहा हBूँ
BहरदमE ये कहB रहा हूँ
 मुझेA तेरी Gज़रुरत है
EमुGG#mB EGेरEGGरुF#mरतE EmहैE
Eअंधेरों से था मेरा रEmिश्ता बEड़ा
EतूनेA# ही उजBालों से Aवाक़िफ़ किया
AअबD लौटा मैं हूँ इन अंधेरAों में फिरD
Dतो पायाEm है ख़ुद को बेगाना यहG#mां
G#mतन्हाEई भी मुझसे ख़फ़ा हो गयी
 बंजरों नेB भी ठEुकरा दियB
Bमैं अधूराG#m जीD#m रहाG#m हूँ
G#mख़ुद पर ही इक सज़ा हूँ
D#mमुGझे तेरी Eज़रुरत है
GमुBझेE GEेरGी ज़रF#mGF#mE BEGm
Gmहम्मA... तेरGmे जिस्मA की, वो A#खुशबAुएँ
Aअब भDmी इन साँसोGं में ज़िंदा Aहैं
AमुDmझे हो रही इनसे Aघुटन
Aमेरे GmगलेG#m का ये फन्DmदाAm है
AmआाDmं...
 होDm, Amतेरे चूड़िDmयों की वो खनक
 यादों के कमरे में गूंजे हैं
 सुनकर इसे आता है याद
 हाथों में मेरे ज़ंजीरें हैं
 तुही आके इनको निकल ज़रा
 कर मुझे यहां से रिहा
 मैं अधूरा जी रहा हूँ
 ये सदायें दे रहा हूँ
 मुझे तेरी ज़रुरत है
 मुझे तेरी ज़रुरत है
 मुझे तेरी ज़रुरत है

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All Chords Used

E231
B7fr134211
G213
Em23
A123
Am231
Cm8fr134111
D132
Dm231
C321
G#m4fr134111
F#m2fr134111
A#6fr134211
D#m11fr134111
Gm3fr134111
KeyE major
Tempo~95 BPM
Difficultyintermediate
Synced lines45