Zaroorat
Mustafa Zahid
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Capo
E
Lyrics
EयBे दिलG तन्Emहा क्यूं रहAे
Aक्यBूं Emहम टEुकड़ों Emमें जBियें
Bये दGिल तनEm्हा क्यूंB रहे
Bक्यूं Emहम टुकड़ों Amमें जियें
Gक्यूं Bरूह मेरी यEmे सEहे
Bमैं GअधूCmरा जीE रहा हूँ
हरदम ये कहD रहा हDmूँ
DmमुझCे तेरी ज़रDmुरत है
मEुझे तेरी ज़Dmरुरत हBै
BमुEmझे तGेDरEी Gज़रुरEत Gहै
Gये दिल तन्हा क्यूं रहे
Gक्यूं हमE टुकड़ों मेGं जियें
Gये दिलE तन्हा क्यूं रGहे
Gक्यूंE हम टुकड़Emों में जियें
Emक्यूं रूह मेरी ये सहे
मैं अधDूरा जीG रहा हBूँ
BहरदमE ये कहB रहा हूँ
मुझेA तेरी Gज़रुरत है
EमुGझG#mेB EतGेरEीG ज़GरुF#mरतE EmहैE
Eअंधेरों से था मेरा रEmिश्ता बEड़ा
EतूनेA# ही उजBालों से Aवाक़िफ़ किया
AअबD लौटा मैं हूँ इन अंधेरAों में फिरD
Dतो पायाEm है ख़ुद को बेगाना यहG#mां
G#mतन्हाEई भी मुझसे ख़फ़ा हो गयी
बंजरों नेB भी ठEुकरा दियBा
Bमैं अधूराG#m जीD#m रहाG#m हूँ
G#mख़ुद पर ही इक सज़ा हूँ
D#mमुGझे तेरी Eज़रुरत है
GमुBझेE GतEेरGी ज़रF#mुGरF#mतE BहEैGm
Gmहम्मA... तेरGmे जिस्मA की, वो A#खुशबAुएँ
Aअब भDmी इन साँसोGं में ज़िंदा Aहैं
AमुDmझे हो रही इनसे Aघुटन
Aमेरे GmगलेG#m का ये फन्DmदाAm है
AmआाDmं...
होDm, Amतेरे चूड़िDmयों की वो खनक
यादों के कमरे में गूंजे हैं
सुनकर इसे आता है याद
हाथों में मेरे ज़ंजीरें हैं
तुही आके इनको निकल ज़रा
कर मुझे यहां से रिहा
मैं अधूरा जी रहा हूँ
ये सदायें दे रहा हूँ
मुझे तेरी ज़रुरत है
मुझे तेरी ज़रुरत है
मुझे तेरी ज़रुरत है
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KeyE major
Tempo~95 BPM
Difficultyintermediate
Synced lines45