Zindagi Kuch Toh Bata
Jubin Nautiyal
Em
एक दिन मोहब्बत ओढ़ कर
एक दिन गली के मोड़ पर
तेरी हथेली पर लिखूं मेरा नाम तेरे नाम पर
फिर तू तक़ल्लूफ छ्चोड़ कर
फिर तू झुका कर के नज़र
रखना मेरे काँधे पे सर
ज़िंदगी
कुछ तो बता ज़िंदगी
अपना पता ज़िंदगी
कुछ तो बता ज़िंदगी
अपना पता ज़िंदगी
तारों भरी एक रात में
तेरे खत पढ़ेंगे साथ में
कोरा जो पन्ना रह गया
एक काँपते से हाथ में
थोड़ी शिक़ायत करना तू
थोड़ी शिक़ायत मैं करूँ
नाराज़ बस ना होना तू
ज़िंदगी
कुछ तो बता ज़िंदगी
अपना पता ज़िंदगी
कुछ तो बता ज़िंदगी
अपना पता ज़िंदगी
तू है तो मैं हूँ
तू है तो नहीं
तू है तो खुदा
तू है तो खुदी
तू है तो फलक
तू है तो ज़मीन
तू है तो मैं हूँ
तू है तो नहीं
तू है तो नहीं
तू है तो नहीं
तू है तो खुदा
तू है तो खुदी
तू है तो फलक
तू है तो ज़मीन
तू है तो मैं हूँ
तू है तो मैं हूँ
तू है तो मैं हूँ
तू है तो नहीं
तू है तो खुदा
तू है तो खुदी
तू है तो फलक
तू है तो ज़मीन
तू है तो मैं हूँ
तू है तो मैं हूँ
तू है तो मैं हूँ
तू है तो नहीं
तू है तो खुदा
तू है तो खुदी
तू है तो फलक
तू है तो ज़मीन
तू है तो नहीं
तू है तो नहीं
तू है तो मैं हूँ
तू है तो नहीं
तू है तो खुदा
तू है तो खुदी
तू है तो फलक
तू है तो ज़मीन
तू है तो नहीं
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