Abhi Mujh Mein Kahin

Sonu Nigam · 76 BPM · 4/4

Abhi Mujh Mein Kahin

Sonu Nigam

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Lyrics

अभी मुझ में कहीं

बाकी थोड़ी सी है ज़िन्दगी

जागी धड़कन नई

जाना ज़िन्दा हूं मैं तो अभी

कुछ ऐसी लगन इस लम्हे में है

ये लम्हा कहाँ था मेरा

अभ है सामने

इसे छु लूं ज़रा

मर जाऊं या जी लूं ज़रा

खुशियाँ चूम लूं

या रो लूं ज़रा

मर जाऊं या जी लूं ज़रा

अभी मुझ में कहीं

बाकी थोड़ी सी है ज़िन्दगी

ओ धूप में जलते हुए तन को

छाया पेड़ की मिल गयी

रूठे बच्चे की हंसी जैसे

फुसलाने से फिर खिल गयी

कुछ ऐसा ही अब महसुस दिल को हो रहा है

बरसों के पुराने ज़ख्मों पे मरहम लगा सा है

कुछ ऐसा रहम, इस लम्हे में है

ये लम्हा कहाँ था मेरा

अभ है सामने

इसे छु लूं ज़रा

मर जाऊं या जी लूं ज़रा

खुशियाँ चूम लूं

या रो लूं ज़रा

मर जाऊं या जी लूं ज़रा

डोर से टूटी पतंग जैसी

थी ये जिंदगानी मेरी

आज हो कल हो मेरा ना हो

हर दिन थी कहानी मेरी

एक बंधन नया पीछे से अब मुझको बुलाये

आने वाले कल की क्यूँ फ़िकर मुझको सता जाये

इक ऐसी चुभन, इस लम्हें में है

ये लम्हा कहाँ था मेरा

अभ है सामने

इसे छु लूं ज़रा

मर जाऊं या जी लूं ज़रा

खुशियाँ चूम लूं

या रो लूं ज़रा

मर जाऊं या जी लूं ज़रा

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KeyD major
Tempo~76 BPM
Difficultyintermediate
Synced lines42