Kabira

Unknown · 120 BPM · 4/4

Kabira

Unknown

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Lyrics

गुरु-गोबिंद दो खड़े, काके लागो पाय?

गुरु-गोबिंद दो खड़े, काके लागो पाय?

बलिहारी गुरु, आपने गोबिंद दियो बताय

कबीरा, गोबिंद दियो बताय

बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर?

बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर?

पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर

कबीरा, फल लागे अति दूर

ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय

ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय

औरन को सीतल करे, आपहुँ सीतल होय

कबीरा, आपहुँ सीतल होय

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिलिया कोय

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिलिया कोय

जो मन खोजा आपना, मुझसे बुरा ना कोय, कबीरा

मुझसे बुरा ना कोय

माटी कहे कुम्हार से, "तू क्या रौंदे मोय?"

माटी कहे कुम्हार से, "तू क्या रौंदे मोय?"

एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूँगी तोय, कबीरा

मैं रौंदूँगी तोय"

काल करे सो आज कर, आज करे सो अब

काल करे सो आज कर, आज करे सो अब

पल में परलय होएगी, बहुरी करेगा कब, कबीरा?

बहुरी करेगा कब?

माया मरी, ना मन मरा, मर-मर गए शरीर

माया मरी, ना मन मरा, मर-मर गए शरीर

आस्था-तृष्णा ना मरी कह गए दास कबीर

रे बंधु, कह गए दास कबीर

पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ, पंडित भया ना कोय

पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ, पंडित भया ना कोय

ढाई अक्षर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय, कबीरा

पढ़े सो पंडित होय

दुख में सुमिरन सब करें, सुख में करे ना कोय

दुख में सुमिरन सब करें, सुख में करे ना कोय

जो सुख में सुमिरन करे तो दुख काहे होय, कबीरा?

तो दुख काहे होय?

मेरा मुझमें कुछ नहीं, जो कुछ है, सो तेरा

मेरा मुझमें कुछ नहीं, जो कुछ है, सो तेरा

तेरा तुझको सौंपते क्या लागे है मेरा, कबीरा?

क्या लागे है मेरा?

जाति ना पूछो साधु की, पूछ लीजियो ज्ञान

जाति ना पूछो साधु की, पूछ लीजियो ज्ञान

मोल करो तलवार का, पड़ी रहन दो म्यान

कबीरा, पड़ी रहन दो म्यान

निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय

निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय

बिन पानी, साबुन बिन, निर्मल करे सुहाय

कबीरा, निर्मल करे सुहाय

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KeyG# major
Tempo~120 BPM
Difficultyintermediate
Synced lines48