Baarishein

Anuv Jain · 82 BPM · 4/4

Baarishein

Anuv Jain · Capo 2

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CapoPlace capo at fret 2; pitch is unchanged.

G

G213
Lyrics
GहौलCे से,F धीAmमे से
AmमुझFको बाँहों में भर Cलो नGा तुम
Gनर्मC सी साFँसोAmं में
AmमुFझको आहों मGें भर लो ना तुम
Gसुन ज़रा मेरेC पास आ
Cअब बैठे हैEmं हम Amभी यहाँ
Fदिल के दरमियाँ
Fबारिशें हGैं, बारिशें हैं
Gतेरी ही बातों पे मCैंने सजा ली Amहै दुनिया यहाँ
 Fिल के दरमियाँ
FबारिशGें हैं, बारिशें
Gअब तू आती Fहै, बुलाCती है, बिसG्तर सFे यूँ गिरAmाती है
Amकि सFोऊँ मैं बाँहों में Gबस तेरी, हाँ
Gजब Cबारिशें बरसती हैं, पागलAm जैसे थिरकती है
FतुमG जैसी CहोAm, बFCGCसी AmहीFCG
Gअब तेरे Cबिना यहाँ मेAmरी साँसें जैसFे बिना निंदिया कीC रातें हGैं तो
Gऔर तू Cही मेरे दिलAm की रज़ा हFै, तेरे बिना दिCल भी ख़Gफ़ा है Cतो
Cतेरी आँखों काAm काजल ना फैलेF अब कभी भी
Fतुझे इCतना प्Gयार दूँ, हCाँ
Cतेरी ख़ुशियों कAmी ख़ातिर ये दुनियFा मैं मेरी
Fएक पCल मेGं वार दूँ, मैं
Gअब बिख़रीC तेरी ये ज़ुल्फ़ों से आँखें तेरAmी जब दिखती हैं
Fदिखता है मुझे Gवो आसमाँ
Gकि खोलCूँ पंख मैं मेरे, Gउड़ जाAmऊँ मैं, खो जाऊँ मैं
 इस आFसमाँ में पतंगCों की तरह, Gहाँ

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All Chords Used

G213
C321
F134211
Am231
Em23
KeyA major
CapoFret 2
Tempo~82 BPM
Difficultybeginner
Synced lines25